मायूस हो, क्यों हो?
जरा बताओ न!
हसी कहां है तुम्हारी?
जरा लाओ न!
वो कहते है, तुम मुस्कुराते नहीं
फिर भी थोड़ा दिखाओ न!
और तुम रुके क्यों हो?
अभी तो तुम्हे और चलना है
दूर तक जाना है
डरते क्यों हो?
सब्र तो करो
क्या पता आस्मा घुटने टेक दे!
निकाल लो,मेरे सिने से आग
भर लो अपने में,
पर जलाओगे न!!
@rahul_anchor
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